सेज यूनिवर्सिटी से आए शिक्षक और छात्रों ने दिखाया रुचि
Bhopal Madhya Pradesh: आज कल हर जगह फोटोग्राफी क्लब, कार्यशाला का आयोजन करना आम बात हो गई है। पर फोटोग्राफी वर्कशॉप हो या कोई भी आयोजन जब तक वहां पर दर्शक नहीं पहुंचते है तब तक वह व्यर्थ होता है, सेज यूनिवर्सिटी भोपाल से आए Dr, (H) Rajesh Bijronia जिन्होने सिनेमा फिल्म मेंकिंग में महारथ हासिल कर रखा है और तकरीबन 20 से 24 वर्षों का अनुभव रहा है, ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
हम बात कर रहे हैं मानस भवन में हुए फोटोग्राफी वर्कशॉप के बारे में जहां सेज यूनिवर्सिटी भोपाल के शिक्षक और छात्रों के आने से चार चांद लग गए, राबिन सिंह पैनासोनिक ने कैमरे से जुड़ी काफी जानकारी दी कि कैसे कैमरे से एक परफेक्ट फोटो और वीडियो बनाते है, कैमरे में अपर्चर का क्या काम होता है, कैमरा कैसे पकड़ते है आदि, इस आयोजन में काफी छात्र और छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
साथ ही कई छात्र छात्राओं ने वहां पर कार्यरत कैमरा बैग एसेसरीज के वितरक से कुछ सवाल जवाब भी किया वहां पर रखे कैमरे के बारे में विभिन्न जानकारियां इकट्ठा की कि कैसे बिना बैग के कैमरा सुरक्षित नहीं रहता क्या बैग भी उतना ही जरूरी होता है जितना जरूरी कैमरा होता है जवाब है हां, कैमरा बैग का कैमरा सुरक्षित रखने में बहुत बड़ा हाथ होता है साथ ही कही ले जाने में मददगार भी साबित होता है।
(लाइट के वितरक) इन्होंने लाइट के प्रकार के बारे में बताया कि_ लाइट में कितने मोड होते है, कितने प्रकार की लाइट होती है, फोटोग्राफी की दुनिया में लाइट का बहुत अहम योगदान होता है, बिना अच्छी लाइट के फोटो हो या वीडियो परफेक्ट नहीं बन सकती, फिर चाहे वह इलेक्ट्रिक लाइट हो या कुदरती लाइट।
इसके साथ ही सेज यूनिवर्सिटी भोपाल की एक छात्रा ने अपने साथियों गुरु व अन्य लोगों से बात की उसी बीच वहां कार्यरत
(प्रिंस स्टूडियो गुना )ने बताया कि
Dr. (H) Rajesh Bijronia जो सेज के प्रोफेसर है उनसे फोटो से जुड़ा काम सीख चुके हैं,
प्रोफेसर राजेश बिज़रोनिया की तारीफ और सम्मान करते हुए उन्होंने आगे बताया कि कैसे उन्होंने अपने फोटोग्राफी करियर में अपनी जगह बनाई।
अंत में वहां पर सबसे मिलने और जानकारी लेने के बाद प्रोफेसर राजेश बिज़रोनिया ने वहां के दिनेश जगवानी से सिनेमेटोग्राफी के बारे में बात की कि कैसे हम सिनेमेटोग्राफी के क्षेत्र में अपना करियर शुरू कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कैमरा चाहे छोटा हो या बड़ा या फिर फोन के ही कैमरे से आप सीख सकते हैं बिना सीखे महंगा कैमरा लेना व्यर्थ है।
फोटोग्राफी वर्कशॉप का समापन होने के बाद
प्रोफेसर डॉ राजेश बिज़रोनिया ने सारे छात्र छात्राओं को भोपाल में मैट्रो के बारे में जानकारी प्रदान की साथ ही वहां अन्य छात्रों ने फोटो और वीडियो क्लिक करते हुए काफी इंज्वॉय किया फिर वहां से रवाना हुए।
मैट्रो से आगे बढ़ते हुए सेज यूनिवर्सिटी भोपाल के बैचलर जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन फर्स्ट ईयर के सभी छात्रों ने जनजातीय संग्रहालय में प्रवेश किया जहां की कुदरती खूबसूरती शांत माहौल और साफ सुथरी हवाओं ने सभी का मन मोह लिया। वहां पर काफी पुरानी चीजों का कलेक्शन और गांव के बारे में दी गई जानकारी ही इस संग्रहालय को अलग बनाती है।
आगे सभी यूनिवर्सिटी बस से होते हुए भोपाल की शान बड़ा तालाब पहुंचे जहां की ठंडी हवाएं, ताजी लहरें, और तालाब के पानी में पड़ती धूप की सोने जैसी किरणें किसी जन्नत से कम नहीं लग रही थीं, वहां पर कुछ बच्चों ने भेलपुरी खाई तो वहीं कुछ बच्चों ने ठंडी ठंडी आइसक्रीम का आनंद लेते हुए दोबारा अपने यूनिवर्सिटी पहुंचे।
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